तेलंगाना के हैदराबाद में श्रीशैलम जा रही एक बस में आग लग गई। हादसा करमनघाट हनुमान मंदिर के पास हुआ। अधिकारियों को घटना की सूचना बुधवार देर रात करीब 2:15 बजे मिली। बस में सवार सभी 38 यात्री सुरक्षित बाहर निकल गए। हादसे में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। आज की अन्य खबरें… पीएम मोदी आज वडनगर से वाराणसी तक जा रहे बाइकर्स से मिलेंगे, सेवा यात्रा में शामिल हुए हैं मोटरसाइकिलिस्ट पीएम मोदी गुरुवार सुबह ‘सेवा यात्रा’ के प्रतिभागियों से बातचीत करेंगे। यह मोटरसाइकिल रैली गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक जा रही है। यात्रा में शामिल बाइक सवार शहरों, जिलों और गांवों से गुजरते हुए स्थानीय लोगों से मिल रहे हैं और जरूरत के मुताबिक सेवा गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान यात्रा में शामिल 10 बाइक ग्रुप मौजूद रहेंगे। यह यात्रा सेवा, संपर्क, युवाओं की भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और समुदाय को जोड़ने जैसे पहलुओं को एक जगह ला रही है। दो बाइक रैलियों को 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर रवाना किया गया था। एक रैली उनके जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर के लिए निकली है। दोनों यात्राएं 7 अक्टूबर को पूरी होंगी। ये रैलियां मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करने के लिए निकाली जा रही हैं। SIR के बाद अरुणाचल कांग्रेस ने मांगी जांच, हर नाम हटाने का आधार सार्वजनिक करने की मांग अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस ने SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए विधानसभा क्षेत्रवार जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा कि राज्य में मतदाताओं की संख्या पिछली सूची के मुकाबले 21% से ज्यादा घट गई है। कांग्रेस ने हर नाम हटाए जाने का कानूनी और सत्यापन योग्य आधार सुनिश्चित करने को कहा है। अरुणाचल प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी हुई। इसमें 6.96 लाख मतदाता हैं। यह SIR से पहले की संख्या से 1.91 लाख कम है। अंतिम सूची में 3,43,709 पुरुष, 3,52,315 महिलाएं और दो थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने कहा कि इतनी बड़ी कमी को देखते हुए चुनाव अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्रवार और श्रेणीवार आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए। पार्टी ने नाम जोड़ने और हटाने की संख्या के साथ, गोपनीयता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, नाम हटाने के व्यापक कारण भी सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि हर नाम हटाने का कानूनी और सत्यापन योग्य आधार होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रशासनिक गलतियों या दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में आने वाली दिक्कतों के कारण कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

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