अगर आप भी मोबाइल एप से खाने-पीने का सामान मंगवाते हैं, तो सावधान हो जाइए। सरकारी एजेंसी FSSAI ने अमेजॉन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और जेप्टो जैसी 5 बड़ी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इन कंपनियों पर एप पर गलत जानकारी देने, झूठे दावे करने, सेहत के लिए नुकसानदायक और जहरीला धतूरा जैसे बैन किए गए सामान बेचने के आरोप हैं। फिलहाल कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है, सजा या जुर्माना आगे तय होगा। जहरीला धतूरा ऑनलाइन बेचना सबसे बड़ी लापरवाही इस पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही ऑनलाइन धतूरा बेचना है। आयुर्वेद और खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत धतूरा जहरीला माना जाता है। इसे आम खाने-पीने के सामान की तरह खुलेआम बेचा नहीं जा सकता। FSSAI ने इसे फूड सेफ्टी कानून के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन माना है। किस एप पर क्या गड़बड़ी मिली क्विक-कॉमर्स के दौर में सेफ्टी पर बढ़ा फोकस आजकल 10-15 मिनट में राशन और खाने-पीने का सामान घर पहुंचाने का दौर है। लोग दुकान जाने के बजाय सीधे एप से ऑर्डर करते हैं। ऐसे में FSSAI की इस कार्रवाई से कंपनियों को सख्त संदेश है कि एप पर दिखाई गई फोटो और जानकारी सही होनी चाहिए और किसी भी जहरीली या बैन की गई चीज को बेचने की इजाजत नहीं मिलेगी। FSSAI की इस सख्त कार्रवाई के बाद कंपनियों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और गलत सामान बेचने वाले दुकानदारों को एप से हमेशा के लिए हटाया भी जा सकता है। ————— पूरी खबर लिखें सुप्रीम कोर्ट बोला- पैकेज्ड फूड पर वॉर्निंग लेबल लगाओ: ज्यादा चीनी-नमक और फैट की जानकारी दो, सरकार ऐसा नहीं करती तो हम आदेश देंगे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स के वॉर्निंग लेबल पर केंद्र सरकार और फूड सेफ्टी अथॉरिटी (FSSAI) को आखिरी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि नमकीन, बिस्किट और चिप्स के पैकेट पर ज्यादा चीनी-नमक और फैट की चेतावनी देने वाले वॉर्निंग लेबल लगाने पर अगर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है तो हम आदेश जारी करेंगे। ये खबर भी पढ़ें…

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *