गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा- नक्सलवाद के कारण 13,700 से ज्यादा नागरिकों की जान गई, जबकि 3,600 जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से चली आ रही आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों पर काफी हद तक काबू पाया गया है। शाह ने कहा- हम 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाएंगे। उन्होंने पुलिस बलों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की। शाह के भाषण की प्रमुख बातें नशे के खिलाफ बाइक रैली रवाना कार्यक्रम से पहले शाह ने करीब 90 पुलिस राइडर्स की देशव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। रैली में CRPF, CISF, BSF, SSB, ITBP और NSG के जवानों के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कर्मी भी हिस्सा ले रहे हैं। रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स शामिल होंगे। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। 21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस? राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का मुकाबला करते हुए 10 CRPF जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की याद में यह दिवस मनाया जाता है।

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